Paid Advise

लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला मित्र भी भरण-पोषण का दावा कर सकती है

Shivendra Pratap Singh

Advocate

27/04/2020

Reading Time:

मैं पिछले 10 वर्षों से अपने पुरुष मित्र के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही हूं. मेरे एक 6 साल की बेटी भी है. विगत 3 महीनों से मेरा मित्र मुझे घर से निकालने का धमकी दे रहा है और उसने मुझसे सभी प्रकार के संपर्क समाप्त कर लिया है. कई बार मेरा उससे बहस होती है कि अब मैं कहां जाऊंगी लेकिन वह मेरे किसी बात को नहीं मानता है, और मुझे भरण पोषण भी नहीं दे रहा है. हालांकि उसकी एक विवाहिता पत्नी भी है जिसके साथ वह पिछले 25 वर्षों से नहीं रह रहा है. क्या ऐसी स्थिति में मुझे भरण पोषण का दावा करने का अधिकार है? मैं अपनी बेटी के लिए भी भरण-पोषण का दावा कर सकती हूं?

Question from: Uttar Pradesh

इन परिस्थितियों में भी आप दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के अंतर्गत अपने एवं अपनी पुत्री के लिए भरण-पोषण का दावा कर सकती हैं. धारा 125 के अंतर्गत पत्नी व बच्चे भरण पोषण का दावा कर सकते हैं. आपका मित्र पहले से ही विवाहित है इसलिए आपके साथ विवाह नहीं कर सकता था. इसलिए वह आपके साथ पिछले 10 वर्षों से लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा है. वह इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता. धारा 125 के अंतर्गत भरण-पोषण पाने के लिए इतना तथ्य पर्याप्त है.

भरण पोषण के लिए विवाह की वैधता साबित करना आवश्यक नहीं

धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत न्यायालय विवाह की वैधता एवं अवैधता था पर विचार नहीं करता है यदि स्त्री यह साबित कर देती है कि वह एक पत्नी की हैसियत से रह रही है तो इतना ही भरण पोषण पाने के लिए पर्याप्त होगा.

पायला मोतिया लंबा बनाम पायला सूरी धीमाडू (2012) 1 SCC (Cri) 371; के बाद में माननीय उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत न्यायालय विवाह की वैधता एवं अवैधता पर विचार नहीं करता यदि तथ्यतः विवाह को साबित कर दिया जाता है तो स्त्री भरण-पोषण का दावा कर सकती हैं.

यदि एक पक्षकार विवाह को तथ्यतः साबित कर देता है तो न्यायालय वैध विवाह की उपधारणा करता है एवं उसको तब तक वैध विवाह मानता है जब तक की दूसरे पक्षकार द्वारा विवाह को अवैध साबित नहीं कर दिया जाता. लिव इन रिलेशनशिप में लंबे समय से रहना यह साबित करता है कि आपका मित्र आपको एक पत्नी की हैसियत से अपने साथ रखता था. इन परिस्थितियों में उसका दायित्व है कि आपका वह आपके पुत्री का भरण पोषण करे. वह अपने दायित्व से मात्र इस वजह से नहीं बच सकता कि उसने आपके साथ विधि पूर्वक विवाह नहीं रचाया है. 

धारा 125 के अंतर्गत विवाह को साबित करने के लिए इतने कठोर साक्ष्य की आवश्यकता नहीं होती जैसा की धारा 494 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत द्विविवाह को साबित करने के लिए होती है. अतः आप लिव इन रिलेशनशिप को साबित कर देती हैं तो भरण-पोषण पाने की हकदार हैं.

shivendra pratap singh advocate

Shivendra Pratap Singh

Advocate

Practising lawyer in the High Court Lucknow. You can consult on Criminal, Civil, Matrimonial, Writ, Service matters, Property, Revenue and RERA related issues.

More For you

Can I get maintenance from my unemployed husband

Can I get maintenance from my unemployed husband? My husband is unemployed due to heavy losses in business during the Covid period. He is still not working but capable of feeding his family. Recently he has developed an illegal relationship with his ex-employee and is...

A maintenance order without hearing the husband is void

The court cannot pass a maintenance order under Section 125 of the Code of Criminal Procedure (crpc) without hearing or giving the opportunity of hearing to the husband. If the court did so, it has breached the principle of natural justice. The husband should file an application under section 126 crpc for setting aside that order. There is a period of limitation for filing of such an application u/s 126 crpc

Notice under section 128 crpc

I have received a notice under section 128 crpc. My wife filed a maintenance case under section 125 of the code of criminal procedure. The court has passed final order in that case to pay rupees seven thousand per month as a maintenance. This is too high maintenance...

Can educated wife claim maintenance under section 125 CRPC

मेरी पत्नी ने मेरे तथा मेरी मां के विरुद्ध घरेलू हिंसा का केस दर्ज किया था जो कि न्यायालय द्वारा 5 फरवरी 2020 को खारिज कर दिया गया है. इसके पश्चात मेरी पत्नी ने अपने मायके जाकर धारा 125 के अंतर्गत भरण पोषण का दावा किया है. मेरी पत्नी शैक्षणिक रूप से सक्षम है तो क्या...

Excessive maintenance under Section 125 crpc

Judicial Magistrate has awarded excessive maintenance under section 125 crpc. An Order on section 125 crpc is passed by Kalyani judicial magistrate court ordering a final maintenance amount of Rs.7000. The wife has left me on her own will and I have sent 3 letters...

Kanoonirai has been advising in legal issues since October 2014. You can consult a lawyer through online media, telephonic consultation and video conferencing.

Contact

mail[at]kanoonirai.com
+91-91400-4[nine][six]54